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Now withdrawing ATM money is expensive, RBI has issued a new guideline - अब एटीएम पैसा निकालना हुआ महंगा : आरबीआई ने जारी की नई गाइडलाइन

 अक्सर कभी-कभी आपके पास जिस बैंक का एटीएम होता है उस बैंक के अलावा दूसरे बैंक के एटीएम से आप पैसा निकाल लेते हैं अगर आप ऐसा करते हैं तो सावधान हो जाए 


ऐसा इसलिए हो रहा है क्योंकि भारतीय रिजर्व बैंक यानी आरबीआई ने एटीएम से कैश निकालने से लेकर बैलेंस इंक्वायरी और पिन बदलने तक लगने वाली इंटरचेंज फीस में बढ़ोतरी कर दी है 


image source : shutterstock.com

RBI ने यह फैसला मुख्या कार्यकारी बैंक  संघ की अध्यक्षता में जून 2019 में गठित समिति की सिफारिशों के आधार पर लिया ऐसे में अगर आप एटीएम से पैसा निकालने जा रहे हैं तो आपको नए नियमों का पता होना जरूरी है 

नहीं तो आपको ज्यादा शुल्क चुकाना पड़ सकता है इसके तहत बैंक ग्राहक 1 जनवरी 2022 अगस्त में या मुफ्त निकासी अन्य सुविधाओं की सीमा से ज्यादा बार लेनदेन करते हैं तो उन्हें प्रति लेनदेन पर 21 ruppe लिमिट चार्ज देने होंगे 

अभी बैंक ग्राहक को अपनी खुद के बैंक के एटीएम से 1 महीने में 5 निशुल्क ट्रांसक्शन मिलते है इनमे कैश निकालने से लेकर बैलेंस इंक्वायरी करना भी शामिल है जो कि ग्राहकों को दूसरे बैंक के एटीएम से मेट्रो शहरों में तीन और नॉन मेट्रो शहरों में 5 लेनदेन के सुविधा मिलती है शुल्क घटने के बाद भी ग्राहकों को यह सुविधा मिलती रहेगी

यानी आप इन ट्रांसेक्शन की लिमिट खत्म होने के बाद आपको ₹21 का शुल्क देना होगा 

और सभी केंद्रों में वित्तीय लेनदेन के लिए 15₹ से 17₹ 

गैर वित्तीय लेनदेन 5 से ₹6 तक प्रति लेनदेन इंटरचेंज शुल्क में वृद्धि की अनुमति दी है 

या 1 अगस्त 2021 से प्रभावी होगा बैंक ग्राहकों की सुविधा के लिए ATM लगाते हैं साथ ही दूसरे बैंकों के ग्राहकों को सेवाएं दी जाती है निर्धारित सीमा से अधिक उपयोग में बैंक शुल्क लेते है जिसे इंटरचेंज फी कहते है लेकिन ये ट्रांसेक्शन को महंगा कैसे करती  

यह भी जानना होगा कि आपने अपनी लिमिट के बाद दूसरे बैंक एटीएम से पैसा निकाला तो भले आप ₹500 निकाले या 5000 आपको इंटरचेंज फी देना होगा बता दे की इससे पहले इंटरचेंज फी में बदलाव 2012 में किया गया था जबकि ग्राहकों को कितना शुल्क देना होगा इसके लिए आखिरी बार बदलाव अगस्त 2014 में किया गया था

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