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Jammu & kashmir : Article 370 & Article 371को लेकर Prime minister....

जम्मू और कश्मीर (Jammu Kashmir) को विशेष दर्जा देने वाले अनुच्छेद 370 (Article 370) के कुछ प्रावधान रद्द करने के लगभग दो साल बाद अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) की अगुआई में बैठक हुई. बैठक में उपराज्यपाल मनोज सिन्हा, गृह मंत्री अमित शाह, एनएसए अजित डोभाल समेत कई नेता मौजूद रहे....

image source : www.navodayatimes.in

करीब 3 घंटे चली बैठक में पूर्व मुख्यमंत्री मेहबूबा मुख्ती और उम्र अब्दुल्ला और अन्य नेता इस बात पर अड़े रहे की अनुछेद 370 को वापिस लिया जाये 

इन सब के बीच प्रधानमंत्री narendra modi ने ये आश्वासन दिया है की परमिशन पूरी हो जाने के बाद चुनाव कराये जायँगे 

दूसरी ओर एक मीडिया रिपोर्ट में दावा किया गया है कि अनुच्छेद 370 पर अड़े नेताओं की मांग पर बीच का रास्ता तैयार किया जा सकता है...और वह फार्मूला अनुच्छेद-370 की 

वापसी के बजाय जम्मू-कश्मीर के कुछ भागों में अनुच्छेद-371 के विशेष प्रावधान लागू करने का हो सकता है।...रिपोर्ट के अनुसार राज्य के कुछ इलाकों में 371 के प्रावधान लागू किए जा सकते हैं ताकि अनुच्छेद 370 की मांग कमजोर पड़े...तो ये भी समझ लेना चाहिए, आखिर अनुच्छेद 371 है क्या ?

जिस तरह से 370 ने Jammu और kashmir को विशेष अधिकार दिए थे जिसे ख़त्म कर दिया गया है ठीक उसी तरह अनुछेद 371 भी अन्य राज्यों को कई तरह के विशेष अधिकार देता है 

अनुछेद 371A , 371B , 371C , 371D , 371E , 371G , 371H , 371 I , 371J , शामिल है इनमे शामिल राज्यों को कुछ विशेष प्रावधान दिए गए है 

इसे उदहारण के तौर पर समझिये Himachal pradesh में अनुछेद 371 लागू है जिसके तहत कोई भी व्यक्ति जो Himachal pradesh के बहार का हो वह राज्य में agriculture land नहीं खरीद सकता वही कोई व्यक्ति Himachal pradesh का निवासी  है तब भी agriculture land नहीं खरीद सकता 

ये अनुछेद देश के कई राज्यों को विशेष दर्जा प्राप्त करते है हर राज्य की हितो के लिए सविधान के अनुछेदो के जरिये इन्हे स्पेशल पावर दी जाती है 

क्या है अनुछेद 370 और 371 में फर्क ?

Jammu और kashmir से अनुछेद 370 को 5 august 2019 को हटा दिया गया था parliament में जब 370 पर बहस के दौरान 6 august को अनुछेद का भी मुद्दा उठा तो बहस के दौरान 

home minister Amit shah ने कई तर्क गिनाये थे की क्यों सरकार इस अनुछेद को नहीं हटाना चाहती ? amit shah ने एक तर्क दिया था 370 की तरह अनुछेद 371 राज्यों में अलगाववाद को बढ़ावा नहीं देता है ,

इसलिए इसे नहीं हटाया जायेगा |

ऐसे में Jammu और kashmir को लेकर Prime minister और तमाम नेताओ के बैठक से अनुमान तो लगया जा सकता है 

की जल्द  ही Jammu और kashmir में 371 पर विचार किया जा सकता है लेकिन इस बात को लेकर सरकार की तरफ से कोई जानकारी नहीं है 

 

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