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ईरान के नए प्रेजिडेंट : इब्राहिम रईसी अमेरिका ने प्रेजिडेंट बनने से पहले किया बेन....

ईरान  के नए प्रेजिडेंट : इब्राहिम रईसी  (Ibrahim Raisi)

काली पगड़ी और मौलवी का कोट पहने ईरान के कट्टरपंथी नेता इब्राहिम रईसी खुद को एक गंभीर पवित्र व्यक्ति और गरीबों के लिए भ्रष्टाचार से लड़ने वाली चैंपियन के रूप में देखते हैं 

शनिवार 19 जून को 60 साल के इब्राहिम रईस को इस्लामिक गणराज्य ईरान के 13th राष्ट्रपति को तौर पर विजेता घोषित किया गया 

image source : indianexpress

हालाँकि आरोप है की - 

ईरान में सुधारवादी और उदारवादी नेताओ को इस बार चुनाव लड़ने ही नहीं दिया गया 
लिहाजा ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह के करीबी कट्टर समर्थक शिया मौलवी और सुप्रीम कोर्ट के प्रमुख इब्राही रईसी को जिताया गया है आपको बता दें कि ईरान में राष्ट्रपति से भी ऊपर सर्वोच्च नेता होते हैं 

लेकिन शासन का अधिकार राष्ट्रपति के हाथ में होता है ईरान के आंतरिक और विदेश नीति राष्ट्रपति तय करता है लेकिन सर्वोच्च नेता का फैसला ही आखरी फैसला होता है रईसी की जीत की आधिकारिक घोसड़ा के बाद वो पहले ईरानी राष्ट्रयपति है जिनपर पदभार सँभालने से पहले ही  अमेरिका प्रतिबंध लगा चुका है 

उन पर प्रतिबंध 1988 में राजनीतिक कैदियों के सामूहिक हत्या के लिए तथा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आलोचना झेलने वाली ईरानी न्यायपालिका के मुखिया के तौर पर लगाया गया 

कौन है इब्राहिम रईसी ?

ऐसे में जरूरी है कि ईरान के राष्ट्रपति इब्राहिम रईसी है कोन 

इब्राहिम रईसी किसी महान करिश्मे के लिए प्रसिद्ध नहीं है लेकिन न्यायपालिका के प्रमुख के रूप में भ्रस्ट अधिकारियो पर मुकदमा चलाने के लिए उन्होंने एक लोकप्रिय अभियान जरूर चलाया था 

चुनाव अभियान में उन्होंने भ्रष्टाचार पर लड़ाई जारी रखने कम आय 
वाले परिवारों के लिए 4000000 नए घरों का निर्माण करने और एक मजबूत ईरान लिए लोगों की सरकार बनाने की कसम खाई कई 

ईरानी मीडिया आउटलेट  

उन्हें सर्वोच्च नेता आयतुल्ला अली ख़ामेनई के संभावित उत्तराधिकारी के रूप में देखता है जो अगले महीने 82 साल के हो जाएंगे
रईसी जिनकी काली पगड़ी को इस्लाम के पैगम्बर मोहम्मद के सीधे वंसज होने का प्रतीक माना जाता है 

उन्हें होजातोलेसलाम कि उपाधि प्राप्त है जिनका मतलब होता है इस्लाम का प्रमाण 

1960 में इब्राहिम रईसी का उत्तरपूर्वी ईरान के पवित्र शहर मशहद में जन्म हुआ मशहद में ही वो पले बढे सिर्फ 20 साल की उम्र में वो इस्लामिक क्रांतियों में बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया और 1979 में इस्लामिक क्रांति में उनोहने अमेरिकी समर्थित राजशाही को गिरा दिया और फिर इब्राहिम को प्रासीक्यूटर जनरल नामित किया गया था 

लेकिन इब्राहिम पर इस दौरान ईरान में बड़े पैमाने पर विरोधी नेताओं की हत्या करवाने का आरोप लगा था 

उन्ही आरोपों को लेकर 2019  में अमेरिका ने इब्राहिम पर और कुछ अन्य नेताओ पर  प्रतिबन्ध लगा दिया था अमेरिका ने रईसी पर मानवाधिकार उल्लंघन का भी आरोप लगे था 

इब्राहिम रईसी के पास दसको का न्यायक का अनुभव है

उनोहने 1989 से 1994 तक तेहरान के प्रोसिक्यूटर जनरल के तौर पर काम किया और फिर 2004 से 2014 तक उन्होंने जुडिशल अथॉर्टी के लिए डिप्टी चीफ के पद पर काम किया और फिर 2014 में ईरान नेशनल प्रासीक्यूटर जनरल बन गए 2018 से वो मशहद एक शिया मदरसा में भी पढ़ा रहे है 

2018 में ही अयातुल्ला खोमनायी ने इब्राहिम रईसी को सुप्रीम कोर्ट का हेड नियुक्त कर दिया

 इब्राही रईस ने शाहिद बेहस्ती यूनिवर्सिटी से साइंस लेक्चरर जमिहले अलमोलहोदा से शादी की उनकी दो बेतिया भी है 

ईरान में फ्रांस की ही तरह हर 4 साल में राष्ट्रयपति का चुनाव होता है और इस बार राष्ट्रपति चुनाव में 592 उम्मीदवारों ने नामांकन किया था लेकिन गार्डियन कौंसिल ने 7 उम्मीदवारों को ही चुनावी मैदान में उतारने की इजाजत दी थी 

 राष्ट्रपति चुनाव में एक भी उदारवादी नेता को खड़ा होने की इजाजत नहीं दी गई 

2017 में इब्राहीम रईसी राष्ट्रपति चुनाव हार गए थे इब्राही रईसी इस साल अगस्त महीने की शुरुआत में राष्ट्रपति पद की शपथ लेंगे माना जा रहा है कि देश की घरेलू और विदेशी मामलों में उनका प्रभाव है 


 

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